Wednesday, 24 June 2020

बातों  का संसार ,मन की गति को क्या जाने ,
उम्मीदों से भरे संसार मे ख़ामोशी कौन पहचाने ,

उनका क्या भरोसा की जग को बदल देंगे ,
हम क्यों न अपने से ही शुरुवात कर डाले  । 

No comments:

Post a Comment