जीवन के भाग दौड़ मे ,कुछ समय अपना जिसमें आप अपने मन की सुने इसमे जो दिल चाहे वो करना चाहिए। यदि आप पढ़ सके तो बहुत बेहतर या यदि लिख सके और बेहतर ।
इन सबमे घुमक्कड़ी होना भी एक शानदार गुण है पिछले शुक्रवार 29 अक्टुबर को हिमांचल की यात्रा का अनुभव प्राप्त हुआ।
हमने जगह का चुनाव धर्मशाला और मैलोर्डगंज रखा ।
बेहतरीन प्राक़तिक दृश्यों से मन आलौकिक हो गया
यह निश्चय ही स्वर्ग की भांति ही है।